ज्योतिषशास्त्र एक गहराई से शोध की गई विद्या है जो ग्रहों की चाल और उनके प्रभावों के जरिए जीवन को समझने का मार्ग दिखाती है। क्या ज्योतिष का सम्बन्ध किस्मत से है? ज्योतिषशास्त्र को अक्सर किस्मत से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन यह विद्या इससे कहीं आगे की बात करती है। 'ज्योति का शास्त्र' कहे जाने वाले इस ज्ञान का आधार है आकाशीय पिंडों - खासकर सौरमंडल के ग्रहों और नक्षत्रों - का अध्ययन। यह माना गया है कि इन ग्रहों की स्थिति और गति का सीधा प्रभाव न केवल प्रकृति, मौसम और समय पर पड़ता है, बल्कि मनुष्य के विचार, व्यवहार और घटनाओं पर भी होता है। इतिहास, समाजशास्त्र और सांस्कृतिक शोधों से यह भी स्पष्ट होता है कि विभिन्न सभ्यताओं ने इन खगोलीय संकेतों को समझकर भविष्य की दिशा तय करने की कोशिश की है। भारतीय परंपरा में ज्योतिष न केवल धार्मिक या आध्यात्मिक हिस्सा है, बल्कि जीवन के निर्णयों - जैसे विवाह, यात्रा, व्यवसाय - में मार्गदर्शन देने वाला स्रोत रहा है। यह शास्त्र आज भी वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अध्ययन और विश्लेषण का विषय बना हुआ है। वेद काल से ही हो रहा ज्योतिष शास्त्र का अध्ययन खगोल शास्त्र...